बदलते लाइफस्टाइल और खराब खाने पीने के चलते लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इन्हीं में से एक समस्या किडनी की भी है, जो आजकल बहुत फैल रही है। आज हर दूसरे घर में आपको किडनी स्टोन या किडनी से जुड़ी अन्य समस्याओं के मरीज देखने को मिल जाएंगे। ऐसे में किडनी की समस्या से राहत पाने के लिए लोग तरह-तरह के इलाज करते हैं, लेकिन कई बार उन्हें आराम नहीं मिल पाता है। ऐसे में अगर आप सोच रहे हैं कि क्या आयुर्वेद में किडनी का इलाज संभव है?
बता दें कि आयुर्वेद में किडनी का उपचार किया जा सकता है। इस उपचार को अपनाने से आप बिना किसी नुकसान के अपनी किडनी को ठीक कर सकते हैं।
किडनी खराब होने के लक्षण
- थकान महसूस होना
- सांस लेने में दिक्कत
- पेशाब कम आना
- हाथ-पैर में सूजन आना
किडनी खराबी के कारण
वैसे तो किडनी में खराबी होने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन खराब किडनी का आयुर्वेदिक इलाज करके किडनी की तमाम समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। आइए, किडनी खराबी के मुख्य कारण जानते हैं:
- पानी कम पीना
- किडनी के आसपास ब्लड क्लॉट जमना
- ड्रग्स और शराब लेना
- खराब खाना-पीना
- यूरिनरी ट्रैक्ट में ब्लड आना
किडनी ट्रीटमेंट इन आयुर्वेद
बता दें कि आयुर्वेद में प्राकृतिक चीजों से किडनी को ठीक किया जाता है। कहा जा सकता है कि आयुर्वेद में किडनी का इलाज संभव है। आइए, जानते हैं वे उपचार कौन-से हैं:
- जीवनशैली में बदलाव
अगर आप चाहते हैं कि किडनी सही से काम करे, तो उसके लिए आप सही समय पर जागे और सोएं। किडनी को सही से चलाने के लिए जरूरी कि कम से कम बिना रुके छह से आठ घंटे की नींद जरूर लें। तो अगर आप सोच रहे हैं कि क्या आयुर्वेद में किडनी का इलाज संभव है, तो हां जीवनशैली में बदलाव करके ऐसा हो सकता है।
- योग
योग न सिर्फ आपको शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखता है। योगासन करने से न सिर्फ शरीर का तनाव कम होता है, बल्कि किडनी भी स्वस्थ रहती है। ऐसे में अगर आप सोच रहे हैं कि क्या आयुर्वेद में किडनी का इलाज संभव है, तो योग से किडनी की बीमारियों में काफी हद तक सुधार हो सकता है।
- पंचकर्म
जो लोग सोचते हैं कि क्या आयुर्वेद में किडनी का इलाज संभव है, उनके लिए बता दें कि पंचकर्म आपकी मदद कर सकता है। पंचकर्म से न सिर्फ शरीर के अंदर, बल्कि बाहर के भी जहरीले तत्वों को निकलाने में मदद मिलती है। इसमें साफ-सफाई के कई तरीके हैं, जैसे कि वस्ति क्रिया, नास्य, विरेचन आदि। इन तरीकों से आप किडनी की बीमारियों में राहत पा सकते हैं।
- गिलोय
अगर आपके मन में भी ये प्रश्न रहता है कि क्या आयुर्वेद में किडनी का इलाज संभव है? तो बता दें कि गिलोय में एंटी-ऑक्सिडेंट्स होते हैं। ये फ्री रैडिकल्स को नष्ट कर देता है, जिससे किडनी को डैमेज होने से बचाया जा सकता है।
- त्रिफला
त्रिफला में एंटी-ऑक्सिडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। ऐसे में इसका सेवन करने से किडनी स्वस्थ और सेहतमंद रह सकती है। त्रिफला न सिर्फ किडनी को डिटॉक्सिफाई करता है, बल्कि क्रिएटिनिन को भी कम करने में मदद करता है। तो अगर आप सोच रहे हैं कि क्या आयुर्वेद में किडनी का इलाज संभव है? तो त्रिफला या उसका चूर्ण लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
- पुनर्नवा
वहीं पुनर्नवा का भी आयुर्वेद में खास महत्व होता है। पुनर्नवा में मौजूद कई तरह के औषधीय गुण आपके शरीर में मौजूद हानिकारक तत्वों को बाहर निकालते हैं। वहीं पुनर्नवा का सेवन करने से किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कम होता है। ऐसे में जो लोग ये सोचते हैं कि क्या आयुर्वेद में किडनी का इलाज संभव है, तो पुनर्नवा की जड़ से ऐसा संभव हो सकता है।
- अदरक
अगर आप सोच रहे हैं कि क्या आयुर्वेद में किडनी का इलाज संभव है? तो बता दें कि अदरक में मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण किडनी में मौजूद हानिकारक तत्वों को बाहर निकाल सकते हैं। इससे किडनी स्टोन को रोकने में भी मदद मिल सकती है।
- हल्दी
देश के हर किचन में मिलने वाली हल्दी में कई तरह के एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सिडेंट गुण पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है। हल्दी शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स यानी कि विषैले पदार्थों को बाहर निकाल सकती है। तो अगर आप सोच रहे हैं कि क्या आयुर्वेद में किडनी का इलाज संभव है, तो हल्दी में मौजूद गुण ऐसा कर सकते हैं।
तो जैसा कि आपने जाना कि किडनी का इलाज आयुर्वेदिक तरीके से करने से भी किडनी की समस्याओं से निजात पाया जा सकता है। ऐसे में जो लोग ये सोच रहे हैं कि क्या आयुर्वेद में किडनी का इलाज संभव है, तो उनके लिए इन उपायों से बढ़कर कुछ नहीं है, लेकिन इन उपायों को अपनाने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
निष्कर्ष
अगर आपको भी किडनी या किडनी के रोग से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या है, तो आप अपना इलाज कर्मा आयुर्वेदा में आकर करवा सकते हैं। यहां पर सन् 1937 से किडनी रोगियों का इलाज किया जा रहा है और हाल ही में इसे डॉ. पुनीत धवन संभाल रहे हैं। डॉ. पुनीत न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में किडनी की बीमारी से जूझ रहे रोगियों का इलाज कर रहे हैं, क्योंकि आयुर्वेद में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। कर्मा आयुर्वेदा डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट के बिना ही भारतीय आयुर्वेद के सहारे किडनी फेल्योर का इलाज कर रहा है।


